शिक्षण की विधियाँ एवं कौशल: प्रकार, विशेषताएँ और महत्वपूर्ण प्रश्न | Super TET 2026
शिक्षण का अर्थ (Meaning of Teaching)
शिक्षण शब्द अंग्रेजी के टीचिंग शब्द का हिन्दी रूपान्तरण है। जिसका तात्पर्य सीखने से है। शिक्षण एक त्रियामी सामाजिक प्रक्रिया है। जिसमें शिक्षक, शिक्षार्थी और पाठ्यक्रम तीन ध्रुव होते हैं।
उपरोक्त तीनों ध्रुवों के मध्य सम्बन्ध स्थापित करने की प्रक्रिया ही शिक्षण है। तीनों पक्षों के मध्य सम्बन्ध स्थापित करने का कार्य शिक्षक अपने शिक्षण के माध्यम से करता है। शिक्षण में इन तीनों पक्षों का होना आवश्यक है।
शिक्षण का संकुचित अर्थ(Narrower Meaning of Teaching)
शिक्षण के संकुचित अर्थ का आशय है कि एक ऐसा शिक्षण जो निश्चित समय, निश्चित स्थान आदि से प्रदान किया जाता है। उदाहरण के लिए, विद्यालयीय शिक्षा।
शिक्षण का व्यापक अर्थ(Wider Meaning of Teaching)
व्यापक अर्थ में शिक्षण मनुष्य के जीवन में निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है। जिसके अन्तर्गत औपचारिक और अनौपचारिक दोनों प्रकार से बालक जीवन भर सीखता रहता है।
बी. ओ. स्मिथ के अनुसार, “शिक्षण अधिगम को उत्प्रेरित करने वाली एक पद्धति है।”
गेज के अनुसार, “शिक्षण एक प्रकार का पारस्परिक प्रभाव है जिसका उद्देश्य है दूसरे व्यक्ति के व्यवहारों में वांछित परिवर्तन लाना।”
रायन्स के अनुसार, “दूसरों को सीखने के लिए दिशा-निर्देश देने तथा अन्य प्रकार से उन्हें निर्देशित करने की प्रक्रिया को शिक्षण कहा जाता है।”
शिक्षण के प्रकार(Types of Teaching)
शिक्षण के निम्नलिखित प्रकार है-
- एकतंत्रात्मक शिक्षण – एकतंत्रात्मक शिक्षण में शिक्षक का स्थान शिक्षण प्रक्रिया के अन्तर्गत प्रधान माना जाता है और छात्र का स्थान गौण होता है।
- लोकतंत्रात्मक शिक्षण – लोकतंत्रात्मक शिक्षण मानवीय सम्बन्धों पर आधारित होता है। इस शिक्षण में शिक्षक एवं छात्र एक दूसरे को प्रभावित करने का प्रयत्न करते हैं।
- हस्तक्षेप शिक्षण – हस्तक्षेप शिक्षण करते शिक्षक छात्र के साथ मित्रवत् व्यवहार करता है।
शिक्षण की विधियाँ
शिक्षण कौशल
Teaching Methods and Skills
Teaching Methods
Teaching Skills
Super TET 2026
Super TET 2026 Syllabus
Super TET शिक्षण कौशल
शिक्षण विधियाँ एवं कौशल MCQ
शिक्षण विधियाँ महत्वपूर्ण प्रश्न
शिक्षण की विधियाँ एवं कौशल – Super TET 2026 Notes & MCQs